ख़बर ग्रामीण बिहार की : बिहार में नशाबंदी के सफल ना हो पाने का कारण क्या है?
What is the reason behind the failure of drug ban in Bihar?
शराबबंदी के सफल ना हो पाने के पीछे सबसे बड़ी वजह सेक्स की असंतुलित चाहत है जो जिस्म की जगह अब दिमाग पर कब्जा किए बैठा है। सरकार नशा और सेक्स के इन भीतरी रिश्ते को समझे बिना शराबबंदी या नशाबंदी का प्रयास कर रही है जो स्थायी हल नहीं दे पा रही है। जूर्म के पीछे भी यही सेक्स का आकर्षण कार्य कर रहा होता है। इनसे मुक्ति के लिए आपको समझना होगा कि आज का युवा पहले की तुलना में अपने शरीर में सेक्स हार्मोन द्वारा उत्पन्न आवश्यकता एवं सामाजिक अवधारणा के बीच ज्यादा पीस रहा है। सेक्स के प्रति इस असंतुलित दृष्टिकोण से उत्पन्न तनाव इन्हें नशा की ओर सबसे ज्यादा धकेल रहा है। जैसे संत गांजा का सहारा लेकर अपनी सेक्सुअल डिजायर को शांत करने में लगे रहते हैं वैसे हीं बाकी लोग भी लगे हैं। सेक्स की चाहत में हीं बच्चे शराब के गैर-कानूनी व्यवसाय में लगे हैं ताकि इन पैसों के बदौलत लड़कियों का साथ मिल सके। भोजपुरी गाना के बोल भी यही बताते हैं कि सेक्स की ललक कितना ज्यादा है इन क्षेत्रों में। अगर सच में बिहार को नशा से मुक्त करना है तो -
पहला - सरकार को सबसे ज्यादा फोकस लड़कियों के बीच जागरूकता फैलाने पर देना होगा कि वो सिर्फ थोड़ी सी सुविधा के लिए इन नशेबाजों से दोस्ती न करें। इससे लड़के गुणात्मक रुप से अपने में सुधार लाएंगे।
दूसरा - भोजपुरी गाना जो पोर्न फिल्म से भी ज्यादा खतरनाक है को पूरी तरह से बैन करे। पोर्न फिल्म से ज्यादा खतरनाक मैं इनको इसलिए मानता हूं क्योंकि ये दिमाग में अर्ध नग्न लड़की की तरह कामूक कौतूहल भरते हैं जिसका प्रभाव मस्तिष्क पर दीर्धकालिक होता है।
तीसरा - जो समस्या से निजात दिलाने में अहम है वह है मेडिटेशन। थोड़ी देर ध्यान करें इसके लिए प्रेरित करना।
अगर ईमानदारी से सरकार प्रयास करे तो यही तरीके हैं। सिर्फ पुलिस के भरोसे अवैध व्यापार हीं खड़ा होना है, राजस्व की हानि हीं होनी है।
